
देहरादून | उत्तराखंड सरकार ने नवाचार उद्यमियों के लिए 200 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर फंड बनाने का प्रावधान किया है। यह पहल नई स्टार्टअप नीति 2023 के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और विस्तार के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करना है।
उद्योग विभाग द्वारा फंड के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से 30 से अधिक निवेशकों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 25 निवेशक निवेश के लिए तैयार हैं। अब विभाग इन आवेदनों की स्क्रूटनी कर योग्य निवेशकों का चयन करेगा।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
इस वेंचर फंड के माध्यम से स्टार्टअप्स को अब एंजल इन्वेस्टर्स और इक्विटी शेयर पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उन्हें सीधे सरकारी सहायता और संस्थागत निवेश का लाभ मिलेगा।
प्रदेश सरकार ने इस फंड के माध्यम से उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उद्योग विभाग का कहना है कि फंड जल्द ही संचालित किया जाएगा, जिससे स्टार्टअप्स को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने कहा:
“स्टार्टअप के लिए वेंचर फंड स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। निवेशकों की रुचि उत्साहजनक है। बहुत जल्द इस फंड का लाभ उद्यमियों तक पहुंचाया जाएगा।”
यह पहल उत्तराखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





