
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के आरसी मिशन थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। दिलावरपुर भटकल गांव के रहने वाले 25 वर्षीय करन सिंह ने अपनी पत्नी के मायके से न लौटने पर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात करन सिंह का शव गांव से 500 मीटर दूर खेत में जामुन के पेड़ से फांसी पर लटका मिला।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
परिजनों के मुताबिक, करन सिंह की शादी करीब दो वर्ष पहले हरदोई जिले के रूपापुर थाना क्षेत्र की आरजू से हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है। कुछ महीनों से पत्नी अपने मायके में रह रही थी और करन सिंह उसे वापस लाने की लगातार कोशिश कर रहा था। उसने दस दिन में तीन बार ससुराल जाकर पत्नी को लाने की कोशिश की, लेकिन हर बार इंकार मिला।
बुधवार रात करन ने पत्नी को फोन कर घर लौटने को कहा। पत्नी ने इंकार कर दिया और इस पर करन ने कहा कि अगर वह नहीं आई तो वह जान दे देगा। जवाब में पत्नी ने कहा कि “जो करना है करो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” इसके बाद करन ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
सूचना मिलने पर पत्नी अपनी मां और भाई के साथ ससुराल आई। इसी दौरान कथित तौर पर मारपीट की घटना भी हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक मृतक के परिवार की ओर से कोई तहरीर या आरोप नहीं दिया गया है। तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी।
यह मामला वैवाहिक तनाव और संवादहीनता की गंभीरता को उजागर करता है, जो कई बार त्रासदी में बदल जाती है।








