
बरेली। बरेली के शेरगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली विवाहिता ने अपने पति पर आठ महीने की बेटी की हत्या कर शव दफनाने का आरोप लगाया है। विवाहिता ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय आकर शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। महिला का कहना है कि शेरगढ़ और फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। एसएसपी ने मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
फतेहगंज पश्चिमी के गांव धंतिया निवासी नाजुल ने शिकायतें सुन रहे अधिकारियों को बताया कि उसकी शादी शेरगढ़ में हुई है। उसका पति से पारिवारिक विवाद है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उसकी आठ माह की बच्ची मोमिना को पति ने अपने पास रख लिया था। कोर्ट ने मिलने का आदेश जारी किया तो भी उसने उसे बच्ची से नहीं मिलने दिया। आरोप लगाया कि पति ने बिना बताए दूसरा निकाह भी कर लिया है।
31 मार्च की रात उसने व्हाट्सएप स्टेटस देखा तो पता लगा कि बेटी की हालत खराब है। कॉल करने पर पति ने रिसीव ही नहीं की। अब उसे पता लगा है कि एक अप्रैल को बच्ची की मौत हो गई और शौहर ने उसे दफना दिया है। किसी ने उसे बताया कि तुम्हारी बच्ची की हत्या की गई है। वह शेरगढ़ थाने गई तो वहां से भगा दिया गया। फतेहगंज पश्चिमी थाने की पुलिस ने मामला शेरगढ़ में ही दर्ज कराने की बात कही।
कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर निवासी प्रमोद कुमार यादव (45) ने अपने ही घर में छत के कुंडे से लटककर जान दे दी। मौत की वजह बीमारी व पत्नी की मौत का अवसाद बताया गया। प्रमोद यादव का शव बुधवार सुबह उनके ही कमरे में दुपट्टे के सहारे कुंडे से लटका मिला। बेटे रजत ने बताया कि पिता मंगलवार देर शाम खाना खाकर अपने कमरे में चले गए थे। सुबह उनको आवाज दी तो जवाब नहीं मिला।
जब वह छत पर पिता के कमरे में गए तो उनका शव लटक रहा था। कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि प्रमोद की पत्नी मीना की एक साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह अवसाद में थे। इस बीच उन्हें लकवा भी मार गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं थी।