
देहरादून। सहारनपुर की चक्की से 50 कट्टे कुट्टू का आटा पिछले एक सप्ताह में सप्लाई हुआ था। पुलिस जांच में ह बात सामने आई है। हालांकि जिस चक्की मालिक ने यह आटा सप्लाई किया, उसकी अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद और भी कई राज खुलने की उम्मीद है। नवरात्रि पर कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने से देहरादून और हरिद्वार में 363 लोग बीमार पड़ गए थे, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दून पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शहर की 29 दुकानों में छापा मारकर कुट्टू का आटा जब्त किया।
जांच में सामने आया कि सभी दुकानदारों ने लक्ष्मी ट्रेडिंग के स्वामी शीशपाल चौहान निवासी संगम विहार विकासनगर से आटे की खरीद की है। पुलिस ने शीशपाल को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बताया कि सहारनपुर स्थित फर्म गोविंद सहाय शंकर से कुट्टू खरीदकर सहारनपुर में ही मोरगंज जामा मस्जिद के पास स्थित विकास गोयल की चक्की में उसे पिसवाया था। इसके बाद पुलिस ने सहारनपुर में दबिश देकर गोविंद सहाय शंकर के मालिक सगे भाइयों दीपक मित्तल व नलनीश मित्तल निवासी वसंत विहार दिल्ली रोड सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया, जबकि चक्की मालिक विकास गोयल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका।
पुलिस ने जब गोविंद सहाय शंकर के मालिक दीपक मित्तल व नलनीश मित्तल से पूछताछ की तो पता चला कि वह तीन साल से चक्की मालिक विकास गोयल को कुट्टु बेचता आ रहा है। किस तरह से लोग बीमार पड़े इसके बारे में उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है। कुट्टु के आटे से बने व्यंजन खाने से आमजन ही नहीं कई दुकानदारों के स्वजन भी बीमार पड़े हैं।
लक्सर : कुट्टू के आटे से बने व्यंजनों को खाने से बीमार हुए सभी लोगों को मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। लक्सर क्षेत्र में मिलावटी कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने से रविवार रात 18 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। जिन्हें लक्सर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह, एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर नगर से लेकर देहात तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया था।
दुकानदारों एवं चक्की संचालकों को मिलावटी आटा न बेचे जाने को लेकर सख्त हिदायत दी गई थी। टीम द्वारा लक्सर, निरंजनपुर, रायसी, खेड़ी व खानपुर स्थित दुकानों से कुट्टू के आटे का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे।