
काशीपुर। श्रमिकों को फैक्टरी छोड़ने जा रही निजी बस सड़क किनारे लगे बिजली पोल से टकरा कर पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक महिला-पुरुष घायल हो गए। घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
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शनिवार की सुबह लगभग सवा सात बजे रामनगर रोड स्थित एक फैक्टरी में सुबह की शिफ्ट में कान करने वालों को छोड़ने जा रही निजी बस अनियंत्रित होकर एक बिजली के पोल से टकरा कर ग्राम धनौरी के पास पलट गई। बस की रफ्तार इतनी थी कि बस के पहिए आसमान की ओर हो गए। आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर पहुंचे और बस के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व तहसीलदार युसूफ अली मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायलों को एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहीं हादसे में सन्नी (22) पुत्र शंकर प्रसाद निवासी सैनिक कॉलोनी गोशाला मोड़ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि 20 से अधिक महिला-पुरुष घायल हो गए। बस में अधिकतर महिला श्रमिक थीं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
बताया जाता है बस में लगभग 40 श्रमिक सवार थे। हादसे में लगभग 15 श्रमिक घायल हो गए। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही पलटी बस को क्रेन से हटवाया गया।
ये श्रमिक हुए घायल
रुखसाना पत्नी नवाब जान निवासी प्रतापपुर, मीनू पत्नी उदल सिंह व बसंती पत्नी रवि सिंह निवासीगण चिलकिया, मीना पत्नी आलम सिंह रावत, पूजा पत्नी महेंद्र सिंह, अर्चना पत्नी जितेंद्र कुमार, सत्येंद्र पुत्र चंचल सिंह, चंद्रपाल पुत्र महिपाल निवासीगण पीरुमदारा, सुनीता पत्नी राजेंद्र रामनगर, भगवती पुत्री सुरेश चिल्किया टांडा, अनमोल निवासी रामनगर, प्रीति निवासी पीरूमदारा, मंजू बिष्ट निवासी हल्दुआ, सिमरन कौर टांडा भवानीपुर, कविता, प्रेम सिंह, सरिता चौधरी, भागेश्वरी, पुष्पा, सुनीत घायल हो गई।
हो सकता था बड़ा हादसा
काशीपुर। श्रमिकों ने बताया कि बेकाबू बस बिजली के पोल से टकरा कर सड़क किनारे उलट गई। बस के बिजली पोल से टकराने एक तार बस के ऊपर आ कर गिर गया। श्रमिकों ने बताया कि उनके शरीर में करंट की झनझनाहट हुई। यदि तार बस में उलझ जाता तब बड़ा हादसा हो सकता था।
सन्नी करता था परिवार का भरण-पोषण
काशीपुर। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक श्रमिक सन्नी (22) के छोटा भाई राजकुमार ने बताया कि परिवार में सन्नी सबसे बढ़ा था। वह परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। वह और उसकी छोटी बहन पढ़ते हैं। पिता मेहनत-मजदूरी करते हैं। माता-पिता और बहन अपने पैतृक घर लखनऊ गए हुए हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है।





