
देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के माता-पिता की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
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इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री के पुतले का दहन करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस द्वारा पुतला छीन कर सभी कार्यकर्ताओ को गिरफ्तार कर लिया पुलिस की गिरफ्त से छूटने के बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने फिर केंद्रीय मंत्री का पुतला बनाकर तहसील चौक पर दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अंकिता भंडारी के माता-पिता की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे माता-पिता के साथ इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है? उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग कर रहे परिवार की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
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प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस ने पुतला दहन करने से पहले ही कार्यकर्ताओं से पुतला छीन लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया सहित सभी प्रदर्शनकारी आप कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी और उसके माता-पिता को अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने का पूरा अधिकार है। न्याय की मांग करने वाले माता-पिता की गिरफ्तारी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी और अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाने की है, न कि उनकी आवाज को दबाने की। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि जब तक अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग को गंभीरता से नहीं सुना जाता, पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान उमा सिसोदिया के साथ सैकड़ों आप कार्यकर्ता शामिल हुए।





