
देहरादून। अब छात्र नियमित कॉलेज की पढ़ाई के साथ उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों के माध्यम से दूसरी शैक्षणिक उपाधि भी हासिल कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने और भविष्य में रोजगार व उच्च शिक्षा के नए अवसर प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने डीडी कॉलेज में आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यह जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य उच्च शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
उन्होंने विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई स्थानों पर आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से उच्च शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल होता है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के पाठ्यक्रम उपयोगी साबित हो सकते हैं।
प्रो. लोहनी ने कहा कि बदलते समय में अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी नियमित पढ़ाई जारी रखते हुए दूसरी मान्य शैक्षणिक उपाधि प्राप्त करने का अवसर पा सकते हैं। इससे उनके ज्ञान और कौशल में वृद्धि के साथ आगे की पढ़ाई तथा रोजगार के विकल्प भी बढ़ सकते हैं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
कार्यक्रम में असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. गोविंद सिंह ने विश्वविद्यालय की विभिन्न योजनाओं और पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। डीडी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ज्योत्सना रमोला ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. क्षमा कौशिक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक और विभिन्न संकायों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।





