
कानपुर। उत्तर प्रदेश एटीएस की ओर से आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए अंकित शंखवार के मामले में उसके परिजनों ने कई बातें सामने रखी हैं। अंकित की मां सावित्री ने बेटे को निर्दोष बताते हुए बर्रा-आठ दामोदर नगर निवासी उसके एक दोस्त पर फंसाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अंकित शेयर मार्केट में पैसा लगाने की बात करता था और इसी से आमदनी होने का दावा करता था। हालांकि, उसकी कमाई के स्रोत और गतिविधियों को लेकर परिवार के मन में भी सवाल थे।
बर्रा के दोस्त पर फंसाने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, मूलरूप से सजेती थाना क्षेत्र के अनोइया गांव निवासी प्रहलाद शंखवार पहले बर्रा के दामोदर नगर में किराये पर रहते थे। बाद में उन्होंने 20 जुलाई 2025 को दो लाख रुपये में सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के सकरारपुर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने ब्लॉक पांच में एक कमरे का फ्लैट खरीदा था। यहां प्रहलाद अपनी पत्नी सावित्री और छोटे बेटे अंकित के साथ रहते हैं।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
अंकित की मां सावित्री का आरोप है कि बर्रा-आठ दामोदर नगर में रहने वाला उसका एक दोस्त गलत गतिविधियों में शामिल है और उसी ने अंकित को मामले में फंसाया है। परिवार ने बेटे का आतंकी गतिविधियों से कोई संबंध होने की बात से इनकार किया है। ये परिजनों के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इंटर के बाद छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई
पिता प्रहलाद शंखवार के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह आज भी हाथ रिक्शा चलाकर घर का खर्च उठाते हैं, जबकि सावित्री मजदूरी करती हैं। आर्थिक तंगी के कारण अंकित को इंटरमीडिएट के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग जगह रहते हैं। बड़ा बेटा अतीत अपनी पत्नी ममता और दो बच्चों के साथ उसी कॉलोनी के दूसरे ब्लॉक में किराये के फ्लैट में रहता है। मंझला बेटा धर्मेंद्र अरुणाचल प्रदेश में नगर निगम में संविदा पर कार्यरत बताया गया है।
शेयर मार्केट में निवेश से कमाई का करता था दावा
परिजनों ने बताया कि अंकित कभी-कभी मजदूरी भी करता था। वर्ष 2021 में उसने स्कूटी खरीदी थी। मोबाइल और लैपटॉप पर अधिक समय बिताने को लेकर जब घरवाले उससे सवाल करते थे तो वह शेयर मार्केट में पैसा लगाने और उससे आमदनी होने की बात कहता था।
भाभी ममता के अनुसार, अंकित ने बड़े भाई अतीत को भी शेयर मार्केट में मुनाफा होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था।
मां का निजी अस्पताल में करा रहा था इलाज
परिवार के मुताबिक, अंकित अपनी मां के लीवर और आंखों का इलाज निजी अस्पताल में करा रहा था। इसके अलावा वह हाल ही में नई कार खरीदने की तैयारी भी कर रहा था। जब परिजनों ने उससे पूछा कि कार खरीदने के लिए इतने पैसे कहां से आएंगे, तो वे उसकी कमाई के स्रोत को लेकर हैरान थे।
यही वजह है कि अंकित की गिरफ्तारी के बाद परिवार उसकी आय और गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठा रहा है।
छह दिन से बेटे की जानकारी नहीं मिलने का दावा
भाभी ममता ने बताया कि शनिवार को वह और अंकित कॉलोनी में घूम रहे थे, तभी दो लोग आए और अंकित को अपने साथ ले गए। परिजनों के अनुसार, उन्हें बताया गया था कि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा। परिवार का दावा है कि इसके बाद से छह दिन तक उन्हें अंकित के बारे में जानकारी नहीं मिली और वे थाने व चौकी के चक्कर लगाते रहे।
पिता प्रहलाद का कहना है कि अंकित कभी कानपुर से बाहर नहीं गया। वहीं, मां सावित्री को अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकता है। फिलहाल मामले में एटीएस की जांच और अंकित की कथित गतिविधियों से जुड़े तथ्यों का सामने आना बाकी है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।







