
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह महिला RTO इंस्पेक्टर की हत्या का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई। खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेखपाल कॉलोनी स्थित एक घर में 45 वर्षीय मीनाक्षी गोखले का शव खून से लथपथ हालत में मिला। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में उनके साथ रह रहे पवन कुमार द्विवेदी पर हत्या का संदेह है। घटना के बाद पवन का शव भी घर से कुछ दूरी पर पेड़ से लटका मिला।
घटना की सूचना सोमवार सुबह करीब सात बजे मीनाक्षी की रूममेट ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की वरिष्ठ टीम और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को खून से सना हथौड़ा भी मिला, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
दो दिन पहले भोपाल आया था पवन
पुलिस के अनुसार, सीधी निवासी पवन कुमार द्विवेदी करीब दो दिन पहले इंदौर से भोपाल आया था और मीनाक्षी के घर पर ही ठहरा हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रविवार देर रात दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस को आशंका है कि विवाद के दौरान पवन ने मीनाक्षी के सिर पर हथौड़े से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद उसने घर से करीब 20 मीटर दूर एक पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, घटना का पूरा क्रम और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
शादी को लेकर विवाद की जांच
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि पवन पहले इंदौर में कोचिंग क्लास चलाता था और फिलहाल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस को उसकी जेब से बैंक पासबुक मिलने की बात भी सामने आई है।
जांच में यह बात सामने आई है कि पवन मीनाक्षी पर शादी के लिए दबाव बना रहा था, जबकि मीनाक्षी इसके लिए तैयार नहीं थीं। पुलिस फिलहाल इसी विवाद को घटना के संभावित कारणों में से एक मानकर जांच कर रही है।
मीनाक्षी की तीन वर्षीय बेटी होने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, मीनाक्षी की तीन वर्षीय बेटी भी है। वह अपने पति से अलग रह रही थीं। हालांकि, उनके पति से औपचारिक रूप से तलाक हुआ था या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और दोनों के बीच हुए विवाद से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।






