
चमोली। उत्तराखंड में इंफ्लुएंजा एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में सितंबर के दौरान तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की सक्रियता के बावजूद संक्रमण की रफ्तार में कमी नहीं आई है। बृहस्पतिवार को 24 घंटे के भीतर प्रदेश में 24 मरीजों में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई।
आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर से 17 सितंबर तक प्रदेश में 452 मरीज स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं। इस अवधि में प्रतिदिन औसतन करीब 32 मरीज सामने आए। वहीं अगस्त में पूरे महीने में 105 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस तरह अगस्त की तुलना में सितंबर में संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है।
अगस्त से अब तक प्रदेश में कुल 557 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से पांच संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन पांच मौतों में से दो मामलों में मौत का कारण केवल स्वाइन फ्लू बताया गया था। विभाग संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और प्रभावित मरीजों के उपचार के साथ संक्रमण की रोकथाम के उपायों को तेज किया गया है।
17 दिनों में 452 मामले
सितंबर में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल संख्या तेजी से बढ़ी है। एक सितंबर को 27, दो सितंबर को 49, तीन सितंबर को 32 और चार सितंबर को 58 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। पांच सितंबर को 29, छह सितंबर को 28, सात सितंबर को आठ, आठ सितंबर को 22, नौ सितंबर को 25 और 10 सितंबर को 25 मामले सामने आए।
11 सितंबर को 24, 12 सितंबर को 21, 13 सितंबर को 31, 14 सितंबर को कोई मामला नहीं, 15 सितंबर को 22, 16 सितंबर को 27 और 17 सितंबर को 24 मरीज संक्रमित पाए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुछ दिनों में मामलों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
को-मॉर्बिड मरीजों पर विशेष निगरानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो पहले से किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। अस्पताल में भर्ती होने के बाद इन मरीजों की स्वाइन फ्लू जांच कराए जाने पर संक्रमण की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों को अधिक संवेदनशील मानते हुए उनकी लगातार निगरानी कर रहा है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की नियमित जांच और चिकित्सकीय निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि संक्रमण के साथ दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में भी समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
डेंगू और कोरोना के मामले भी बढ़े
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू और कोरोना संक्रमण के मामले भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। एक दिन में डेंगू के चार और कोरोना का एक नया मरीज सामने आया। इसके बाद डेंगू संक्रमितों की संख्या 184 और कोरोना संक्रमितों की संख्या 50 से अधिक हो गई है।
सीएमओ के अनुसार, संक्रमण की रोकथाम के लिए स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने बताया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं और स्क्रीनिंग बढ़ाने के साथ सभी जिलों में निगरानी को मजबूत किया गया है।




