
नागौर। जिले के सदर थाना क्षेत्र में चाय को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। खरनाल गांव की सरहद पर स्थित एक होटल में चाय कड़क नहीं बनने से नाराज युवकों ने होटल कर्मचारियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से होटल कर्मचारी रामकुमार मंडल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में एंबुलेंस पलटने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार वारदात शुक्रवार तड़के करीब चार बजे की है। खरनाल गांव की सीमा में स्थित होटल पर कुछ युवक चाय पीने पहुंचे थे। चाय कड़क नहीं बनने को लेकर युवकों और होटल कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर युवकों ने कथित तौर पर होटल कर्मचारियों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से होटल में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान होटल कर्मचारी रामकुमार मंडल को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कर्मचारी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जोधपुर रेफर कर दिया। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें जोधपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन खींवसर के पद्मसर चौराहे के पास एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई।
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास खुले पड़े गड्ढे में जा गिरी। हादसे में गंभीर रूप से घायल रामकुमार मंडल की मौत हो गई। पुलिस ने शव को खींवसर राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया है। पुलिस अब फायरिंग की घटना के साथ ही एंबुलेंस हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार खींवसर में पिछले करीब दो वर्षों से ओवरब्रिज का निर्माण अधूरा पड़ा है। निर्माण स्थल के पास खुले गड्ढे और अधूरी सड़क के कारण पहले भी हादसे होने की बात सामने आती रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर निर्माणाधीन ओवरब्रिज और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि लंबे समय से अधूरा पड़ा निर्माण आखिर कब पूरा होगा और खुले गड्ढों को सुरक्षित करने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
इधर, फायरिंग की घटना के बाद नागौर पुलिस ने होटल को पूरी तरह सील कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम और सदर थानाधिकारी किताब चौधरी मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस टीमों की ओर से होटल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग करने वाले युवक कौन थे और वारदात के बाद वे किस दिशा में फरार हुए। प्रत्यक्षदर्शियों और होटल कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शुरुआती तौर पर विवाद चाय को लेकर हुआ बताया जा रहा है, लेकिन फायरिंग के पीछे अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
चाय की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद एक कर्मचारी की जान ले चुका है। पहले फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए रामकुमार मंडल को बचाने के लिए उन्हें तत्काल जोधपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हुए एंबुलेंस हादसे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। घटना के बाद खरनाल और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।







