
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब चारधाम यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और बोल्डर आने से बाधित हो गए हैं। इसके चलते चारधाम यात्रा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है और प्रशासन ने यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक यात्रा मार्गों पर चुनौती बनी रहने की आशंका है।
प्रशासन के अनुसार यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, बनास और बाड़िया समेत कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की मशीनें और कर्मचारी मौके पर तैनात हैं तथा जेसीबी की सहायता से मलबा हटाकर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी तरह गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी हेल्गूगाड़ के पास भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही दोनों मार्गों को सुरक्षित तरीके से खोलने का प्रयास किया जाएगा।
मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी तेज बारिश, गर्जन और बिजली चमकने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आठ अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें। प्रशासन ने कहा है कि अनावश्यक जोखिम से बचें और केवल परिस्थितियां सामान्य होने पर ही यात्रा करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
रविवार को भी पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं मैदानी इलाकों में अपेक्षाकृत शुष्क मौसम रहने से उमस और गर्मी बनी रही। देहरादून में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक 0.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।




