
देहरादून। भारतीय सेना ने उत्तराखंड में अग्निवीर भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। सेना भर्ती कार्यालय के अनुसार 27 जुलाई से 6 अगस्त तक राज्य के विभिन्न जिलों में भर्ती कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें धार्मिक शिक्षक (JCO), हवलदार एजुकेशन, सिपाही टेक्निकल (नर्सिंग असिस्टेंट), सिपाही फार्मा सहित कई पदों पर भर्ती की जाएगी।
सेना भर्ती कार्यालय के मुताबिक उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पात्र अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित तिथियों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित होगी। 27 जुलाई को उत्तराखंड के सभी जिलों के लिए धार्मिक शिक्षक (JCO) और हवलदार एजुकेशन पदों की भर्ती होगी। 28 जुलाई को सिपाही टेक्निकल (नर्सिंग असिस्टेंट) पद के लिए भर्ती आयोजित की जाएगी, जबकि 29 जुलाई को सिपाही टेक्निकल (नर्सिंग असिस्टेंट) और सिपाही फार्मा पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
इसके बाद जिलावार भर्ती कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को बागेश्वर, 31 जुलाई को बागेश्वर और नैनीताल, 1 अगस्त को नैनीताल, 2 अगस्त को नैनीताल और ऊधम सिंह नगर, 3 अगस्त को ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा, 4 एवं 5 अगस्त को अल्मोड़ा तथा 6 अगस्त को अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के अभ्यर्थियों के लिए भर्ती कैंप आयोजित किए जाएंगे।
इस बार अग्निवीर भर्ती को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखने की संभावना जताई जा रही है। इसकी एक प्रमुख वजह उत्तराखंड सरकार की ओर से अग्निवीरों के भविष्य को लेकर की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि सेना से सेवा अवधि पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार ने सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा की है। इसके अलावा स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से अधिक संख्या में युवा सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित होंगे।
सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि और आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर भर्ती स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उम्मीदवारों को भर्ती से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार तैयारी करने की सलाह भी दी गई है।




