
देहरादून। राजधानी देहरादून के डोईवाला क्षेत्र के मियांवाला में सामने आए चर्चित आरती हत्याकांड की जांच में रिश्तों के तनाव, पारिवारिक विरोध और विवाहेत्तर संबंधों का जटिल पहलू सामने आ रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे प्रेम संबंध और उसे लेकर दोनों परिवारों के बीच बढ़ते विवाद ने आखिरकार इस सनसनीखेज वारदात का रूप ले लिया। मामले में बीएसएफ में तैनात प्रमेन्द्र नेगी पर अपनी विवाहित प्रेमिका आरती की हत्या करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार मृतका आरती और आरोपी प्रमेन्द्र नेगी लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। आरती के पति अनिल बिष्ट ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने कई बार पत्नी को इस संबंध को समाप्त करने के लिए समझाया, लेकिन उनकी बात का कोई असर नहीं हुआ। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी आरती को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के बीच संपर्क लगातार बना रहा।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी प्रमेन्द्र नेगी की पत्नी भी इस रिश्ते को लेकर बेहद परेशान थी। घटना से कुछ दिन पहले वह आरती के घर पहुंची थी, जहां दोनों परिवारों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी। दोनों पक्ष इस संबंध को समाप्त कराना चाहते थे, लेकिन लगातार बढ़ते तनाव और आपसी मतभेदों के कारण विवाद और गहराता चला गया।
सूत्रों के मुताबिक, परिवारों के विरोध के साथ-साथ आरती और प्रमेन्द्र के बीच भी संबंधों को लेकर मतभेद बढ़ने लगे थे। इसी दौरान परिस्थितियां लगातार बिगड़ती गईं और मामला हिंसक मोड़ तक पहुंच गया। पुलिस का मानना है कि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह इन्हीं घटनाक्रमों से जुड़ी हो सकती है।
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। दोनों पक्षों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), व्हाट्सएप चैट, अन्य मैसेजिंग एप और लोकेशन हिस्ट्री की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई और किन परिस्थितियों में यह वारदात हुई।
पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रमेन्द्र नेगी के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। फिलहाल आरोपी उपचाराधीन होने के कारण विस्तृत बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस का कहना है कि उसके स्वस्थ होने के बाद पूछताछ की जाएगी, जिससे पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरती और प्रमेन्द्र के बीच प्रेम संबंध दोनों की शादी के कई वर्ष बाद परिवारों के संज्ञान में आए थे। आरती विवाहित थी और उसके दो किशोर बच्चे हैं, जबकि प्रमेन्द्र नेगी भी विवाहित है तथा वर्तमान में गुजरात के भुज में बीएसएफ में तैनात है। दोनों परिवार इस संबंध का लंबे समय से विरोध कर रहे थे।
घटना के बाद जिस होमस्टे के कमरे में वारदात हुई, उसे पुलिस ने सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो, इसके लिए कमरे पर ताला लगा दिया गया है। साथ ही संबंधित सरकारी विभागों ने होमस्टे के संचालन और वहां पहले हुई गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है।
डोईवाला कोतवाली प्रभारी राकेश गुसाईं ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और आरोपी से पूछताछ के बाद ही हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।




