
देहरादून। रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ पैदल मार्ग पर गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब गौरीकुंड से आगे छोड़ी क्षेत्र के पास एक युवक गहरी खाई में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। स्थानीय पुलिस, डीडीआरएफ और वाईएमएफ के सहयोग से चलाए गए संयुक्त अभियान में युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगे के इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, देर रात जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग को सूचना मिली कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक युवक खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट गौरीकुंड से टीम कमांडर आशीष डिमरी के नेतृत्व में प्रशिक्षित रेस्क्यू दल आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुआ।
घटनास्थल गौरीकुंड से लगभग दो किलोमीटर आगे छोड़ी क्षेत्र के पास था, जहां पहाड़ी रास्ता बेहद दुर्गम और जोखिमभरा है। एसडीआरएफ ने स्थानीय पुलिस, जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) और वाईएमएफ के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अंधेरे के बावजूद जवानों ने खाई में उतरकर युवक तक पहुंच बनाई और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान 25 वर्षीय मोहित रावत पुत्र दर्शन रावत, निवासी ग्राम बड़ासू, रामपुर, जनपद रुद्रप्रयाग के रूप में हुई है। गौरीकुंड पहुंचने पर उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने एसडीआरएफ की त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की सराहना की है। वहीं, युवक के परिजनों ने समय रहते सफल रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, डीडीआरएफ और वाईएमएफ की टीमों का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों का कहना है कि चुनौतीपूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों में त्वरित समन्वय और प्रशिक्षित बचाव दल की वजह से युवक की जान बचाई जा सकी।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार बारिश और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन या एसडीआरएफ को सूचना दें।




