
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान की रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने प्रदेश में पिछले वर्षों के चर्चित मुद्दों को चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस का फोकस भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों, मंदिरों में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी, युवाओं के पलायन, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर रहेगा।
पार्टी का मानना है कि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनका सीधा संबंध आम जनता के जीवन से है। इन्हीं विषयों को आधार बनाकर कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता के बीच इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार की जवाबदेही तय करने का प्रयास किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी प्रदेश नेतृत्व को संकेत दिए हैं कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और मंदिरों में चढ़ावे से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रखा जाए। पार्टी इन मुद्दों को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इन्हें जनसरोकारों से जोड़कर व्यापक अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में युवा राज्य से बाहर पलायन कर रहे हैं। इसके अलावा महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे विषय भी लगातार सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहे हैं। पार्टी इन सभी मुद्दों को जोड़कर सरकार के कार्यकाल का मूल्यांकन जनता के सामने रखने की रणनीति बना रही है।
इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी उत्तराखंड आने वाले हैं। पार्टी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से युवाओं से संवाद स्थापित किया जा रहा है। राजस्थान के कोटा से शुरू हुए इस अभियान का विस्तार अब उत्तराखंड तक किया जा रहा है। कांग्रेस का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को युवाओं के बीच प्रमुखता से उठाना है।
उत्तराखंड में बीते वर्षों के विभिन्न भर्ती परीक्षा विवादों को कांग्रेस आगामी चुनावों में प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में पेश करने की तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार को जवाब देना होगा और इन्हें चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि पार्टी के पास जनहित से जुड़े अनेक मुद्दे हैं और पिछले एक दशक के शासन के आधार पर जनता सरकार का मूल्यांकन कर रही है। उनके अनुसार कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत करते हुए आगामी चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, विभिन्न राजनीतिक दल रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन और विकास जैसे विषयों को लेकर अपने-अपने अभियान तेज करेंगे। ऐसे में उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले समय में इन मुद्दों पर बहस और तेज होने की संभावना है।




