
देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय ने होम स्टे प्रबंधन (होम स्टे सहायक प्रबंधक) में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया है। इसके साथ ही गढ़वाली, कुमाऊनी और नेपाली भाषा में भी नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि राज्य में तेजी से विकसित हो रहे होम स्टे उद्योग को प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को होम स्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन, पर्यटक व्यवहार, ग्राहक सेवा, विपणन, ऑनलाइन बुकिंग प्रबंधन और व्यावहारिक संचालन संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने और पर्यटन उद्योग से जुड़ने में मदद मिलेगी।
विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू हो चुकी है। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्र के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षा को स्थानीय आवश्यकताओं और रोजगार की संभावनाओं से जोड़ना है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस सत्र से गढ़वाली, कुमाऊनी और नेपाली भाषा में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार इन पाठ्यक्रमों से न केवल स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भाषा आधारित शोध, अनुवाद, शिक्षण, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
विश्वविद्यालय में वर्तमान समय में स्नातकोत्तर स्तर पर 35, स्नातक स्तर पर 15, एक वर्षीय डिप्लोमा के 16 तथा 29 प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में विश्वविद्यालय के 80 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जबकि केवल देहरादून परिक्षेत्र में ही 16 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं।
देहरादून परिक्षेत्र में विश्वविद्यालय के 22 अध्ययन केंद्र विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित हैं। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने एक और नई पहल करते हुए नेपाल के विद्यार्थियों के लिए भी प्रवेश सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और विश्वविद्यालय की पहुंच अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित होगी।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक गोविंद सिंह रावत ने बताया कि विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार होम स्टे प्रबंधन सहित कई रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं। उनका कहना है कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय विकास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।




