
ऊधम सिंह नगर | ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी एक युवक की नोएडा स्थित फैक्टरी में हुई दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। काम के दौरान हुए विवाद के बाद एक खतरनाक हरकत के कारण युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दो सहकर्मियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार काशीपुर के महेशपुरा क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय समीर रोजगार की तलाश में कुछ दिन पहले नोएडा गया था। वह अपने परिचितों के साथ यमुना सिटी क्षेत्र स्थित एक निजी फैक्टरी में सफाई का कार्य कर रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण समीर घर की जिम्मेदारियां उठाने के लिए नौकरी करने गया था।
बताया गया कि 16 जून की सुबह फैक्टरी में काम के दौरान समीर और उसके दो सहकर्मियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद हुई एक खतरनाक हरकत के कारण समीर की हालत अचानक बिगड़ गई। गंभीर अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद फैक्टरी प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
मृतक समीर का शव पोस्टमार्टम के बाद काशीपुर लाया गया, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
समीर अपने परिवार का इकलौता बेटा था। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर आ गई थी। परिवार में उसकी विधवा मां और चार बहनें हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद वह मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था और अपनी बहनों की शादी के लिए पैसे जुटाने का सपना देख रहा था। परिजनों के अनुसार वह बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर घर से निकला था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समीर बेहद मेहनती और जिम्मेदार युवक था। उसकी असमय मृत्यु से न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। परिवार के सामने अब आर्थिक संकट और भी गहरा गया है। मां की तबीयत खराब रहती है तथा बहनों की जिम्मेदारी भी अब अनिश्चितता के बीच खड़ी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा, अनुशासन और कर्मचारियों के बीच जिम्मेदार व्यवहार की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।





