
नई दिल्ली। देश के अधिकांश हिस्सों में कई सप्ताह से जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के 19 राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दो से तीन दिनों में मौसम की यह गतिविधि और तेज हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और गोवा में शनिवार और रविवार के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, विशेषकर मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं 31 मई से कोंकण, गोवा और गुजरात के कई इलाकों में भी तेज बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है। गुजरात में एक जून से दो जून के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पिछले तीन सप्ताह में पहली बार अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश में चार जून तक बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड में भी हल्की से मध्यम बारिश, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक व्यापक वर्षा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। कई जिलों में बिजली गिरने, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शुक्रवार को हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ गया।
पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी मौसम ने करवट ली है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। वहीं तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है।
इस बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल हो चुकी हैं। विभाग के अनुसार अगले सात दिनों के भीतर केरल में मानसून दस्तक दे सकता है। मानसून के अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, मौसम विभाग ने इस वर्ष मानसून के दौरान देशभर में वर्षा सामान्य से कुछ कम रहने का अनुमान भी जताया है। विभाग के अनुसार जून से सितंबर के बीच होने वाली मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसके बावजूद शुरुआती चरण में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बारिश और तेज हवाओं का दौर किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है, लेकिन ओलावृष्टि और आंधी वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, बिजली गिरने के समय खुले क्षेत्रों से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।







