
देहरादून: उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि बाबा केदार के दर्शन सहित चारधाम यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने की अपील की। इनमें यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहना, सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना और यात्रा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों के माध्यम से न केवल यात्रा को सफल बनाया जा सकता है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को भी संरक्षित किया जा सकता है।
पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को “डिजिटल उपवास” अपनाने की भी सलाह दी, ताकि वे यात्रा के दौरान मोबाइल और डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाकर प्रकृति की सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण को पूरी तरह महसूस कर सकें। उन्होंने चारधाम यात्रा को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने वाला आयोजन बताया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को पहले ही खुल चुके हैं, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने अपनी कामना व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा केदार सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बनाए रखें और उनकी यात्रा मंगलमय हो। उन्होंने इस वर्ष चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक पत्र के माध्यम से भी अपनी भावनाएं साझा की हैं, जिसमें उन्होंने भारतीय संस्कृति और आस्था के इस महान पर्व को और अधिक सार्थक बनाने का आह्वान किया है।




