
देहरादून। यह कहावत कि “पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती” एक बार फिर सच साबित हुई है। Dr. Anil Sharma ने 62 वर्ष की आयु में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
डॉ. शर्मा ने Sparsh Himalaya University, देहरादून से कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट विषय में पीएचडी की डिग्री हासिल की है। इससे पहले वे बीई (सिविल) और एमबीए की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और लंबे समय से निर्माण एवं शहरी विकास क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं।
उनका पेशेवर सफर वर्ष 1987 में Sulabh International के साथ शुरू हुआ, जहां से उन्होंने अपने करियर की नींव रखी। इसके बाद उन्होंने देश के विभिन्न स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में उच्च पदों पर कार्य करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. शर्मा अपने कार्यक्षेत्र में व्यापक अनुभव, कर्मठता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया और प्रशासनिक व तकनीकी नेतृत्व का परिचय दिया।
वर्तमान में वे देश के प्रथम लेखक गांव में अपने अनुभव और ज्ञान को साझा कर रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।
डॉ. शर्मा की यह उपलब्धि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो किसी भी कारण से अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ देते हैं। उनका मानना है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो उम्र कभी भी शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती।




