
भराड़ीसैंण (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र पांचवें दिन देर रात तक चला और अंततः ध्वनिमत से 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित कर दिया गया। इसके साथ ही गैरसैंण स्थित Bhararisain Assembly Complex में आयोजित विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही देर रात लगभग 12:30 बजे तक चली। शुक्रवार को बजट पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस भी देखने को मिली।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सत्र के पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 10.41 प्रतिशत अधिक है।सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य को आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए “ज्ञान और संतुलन” के मंत्र को विकास की दिशा में मार्गदर्शक बताया।
सदन में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने बजट को राज्य के समग्र विकास का रोडमैप बताया। उनका कहना था कि बजट में सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं शामिल की गई हैं, जिससे राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।वहीं विपक्षी दलों ने बजट की आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक बताया। विपक्ष का कहना था कि बजट में आम जनता से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार नए वित्तीय वर्ष में राज्य को कुल 1,11,703.21 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होने का अनुमान है। इसमें 67,525.77 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियों और 42,617.35 करोड़ रुपये पूंजीगत प्राप्तियों से मिलने की संभावना जताई गई है।सरकार ने बजट को कर मुक्त बताते हुए कहा कि इसमें राजस्व घाटे का अनुमान नहीं लगाया गया है। हालांकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 12,579.70 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बजट के माध्यम से राज्य सरकार ने दीर्घकालिक विकास की दिशा में योजनाएं प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। वहीं विपक्ष का कहना है कि बजट की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन उसके क्रियान्वयन के बाद ही किया जा सकेगा।बजट पारित होने के साथ ही गैरसैंण में चल रहा विधानसभा सत्र समाप्त हो गया और सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।




