
देहरादून। देहरादून जिले में एलपीजी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जिलाधिकारी Savīn Bansal ने ऋषिपर्णा सभागार में गैस आपूर्ति से जुड़ी तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में एलपीजी गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी गैस एजेंसी में जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियां पाई गईं तो संबंधित एजेंसी को तत्काल सील किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि एलपीजी गैस वितरण में पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए। घरेलू गैस सिलिंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली से की जाए, ताकि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन आपदा कंट्रोल रूम में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक घंटे की बैठक करें। इस दौरान गैस वितरण, स्टॉक बैकलॉग और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा कर उनका समाधान किया जाएगा।
इसके साथ ही जिले की सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदामों को प्रशासन की निगरानी में रखा गया है। उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों के साथ गैस एजेंसियों के स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की रैंडम जांच करें।
प्रशासन ने घरेलू गैस सिलिंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यदि किसी होटल, रेस्तरां या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पाया जाता है, तो सिलिंडर जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ Essential Commodities Act, 1955 और Bharatiya Nyaya Sanhita के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों के वितरण में अस्पतालों और छात्रावासों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे मांग के अनुसार समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। नागरिक एलपीजी सिलिंडर से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 1077, 0135-2626066 और 0135-2726066 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर भी सूचना दी जा सकती है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों के अनुसार जिले में कुल 72 गैस एजेंसियों के माध्यम से लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और करीब 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की आपूर्ति की जाती है।
प्रशासन का कहना है कि कड़ी निगरानी और नियमित जांच के माध्यम से गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।




