
देहरादून। डालनवाला थाना क्षेत्र के तिब्बती मार्केट के पास कारोबारी अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने अर्जुन की मां बीना शर्मा, कारोबारी विनोद उनियाल समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति, कर्ज और आपसी संबंधों को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि दो फरवरी को विनोद उनियाल ने अर्जुन पर चेक में फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगाते हुए बसंत विहार थाने में शिकायत दी थी। तीन फरवरी को इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई। इसके बाद अर्जुन की पत्नी अभिलाषा ने हत्या की आशंका जताते हुए विनोद और बीना शर्मा का नाम लिया है। तहरीर में दोनों की नजदीकियों और वित्तीय लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है।
अर्जुन के पिता रमेश चंद्र शर्मा भारतीय सेना में कर्नल थे, जिनका लगभग 38 वर्ष पूर्व सेवा के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से उनकी पत्नी बीना शर्मा को आजीविका के लिए गैस एजेंसी आवंटित की गई थी। दून स्थित पैतृक संपत्ति में यह एजेंसी करीब 37 वर्षों से संचालित है। इसी संपत्ति के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा से लगभग आठ करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था, जिसमें अर्जुन गवाह और गारंटर थे।
सूत्रों के अनुसार, बीना शर्मा और विनोद उनियाल के बीच घनिष्ठ संबंध थे और वित्तीय लेनदेन को लेकर अर्जुन का अपनी मां से विवाद चल रहा था। वर्ष 2024 में बीना शर्मा ने बेटे अर्जुन के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वर्ष 2025 में अर्जुन ने गैस गोदाम और संपत्ति लेनदेन में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मां और विनोद दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
बीना शर्मा ने हाईकोर्ट में सुरक्षा की मांग करते हुए रिट दायर की, जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा भी मिली। संपत्ति बिक्री और सिविल वाद बीना शर्मा द्वारा जीएमएस रोड स्थित संपत्ति अजय खन्ना को बेचे जाने पर भी विवाद हुआ। इस मामले में अर्जुन और अजय खन्ना के बीच सिविल कोर्ट में वाद लंबित है और अर्जुन ने स्टे ऑर्डर प्राप्त किया था। पुलिस सभी पहलुओं—
- संपत्ति विवाद
- बैंक लोन
- आपसी मुकदमे
- वित्तीय लेनदेन
- और व्यक्तिगत संबंधों
की गहनता से जांच कर रही है। हाल ही में मुठभेड़ में कथित शूटर और सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुछ अहम सुराग मिलने की बात भी सामने आई है।




