
उन्नाव। गोकुलपुर गांव में शिक्षामित्र श्रीकांति रावत (39) की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब इस हत्याकांड की सुई घर के भीतर ही घूमती नजर आ रही है। मृतका की बेटी के बार-बार बदले बयान और पति द्वारा हाल ही में 15 लाख रुपये में बेची गई जमीन ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
घटना मंगलवार देर रात की है, जब श्रीकांति को उनके ही घर में दो गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि एक गोली गले में मारी गई जो खोपड़ी से पार हो गई, जबकि दूसरी गोली सीने के दाहिने हिस्से में लगी और लिवर में फंसी मिली। इससे साफ है कि हत्या बेहद नजदीक से की गई।
मृतका की 13 वर्षीय बेटी रिया ने पुलिस को पहले बताया कि उसने हमलावर को गोली मारते और भागते हुए देखा। बाद में उसने बयान बदलते हुए कहा कि गोली की आवाज सुनकर जब आंख खुली तो उसे कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था, मानो आंखों में कुछ डाल दिया गया हो। पुलिस को बेटी और पिता के बयानों में भी स्पष्ट विरोधाभास मिला है।
जांच में सामने आया कि करीब डेढ़ महीने पहले मृतका के पति ओमकार रावत ने एक बीघा जमीन 15 लाख रुपये में बेची थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इस रकम को लेकर परिवार या परिचितों में कोई विवाद था। यह भी जानकारी मिली है कि जमीन बिक्री के बाद ओमकार का व्यवहार बदल गया था और वह शराब व पार्टी के लिए एक परिचित के यहां अक्सर जाता था, जिसका श्रीकांति विरोध करती थीं।
हत्या के समय घर चारों ओर से बंद था। सीढ़ियों पर भी दरवाजा लगा हुआ था। इसके बावजूद बदमाशों के घुसकर हत्या करने की बात पुलिस को संदिग्ध लग रही है। घर से कारतूस मिलने और पति की अटपटी सफाई ने संदेह को और गहरा कर दिया है। फिलहाल पुलिस पति को मुख्य संदिग्ध मानते हुए साक्ष्य जुटा रही है।
मृतका के जेठ राजेंद्र ने बताया कि सात फरवरी को उनके बेटे की शादी होनी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस हत्या ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। शादी होगी या नहीं, इस पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं—पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेनदेन और बयानों के विरोधाभास—को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है।







