
देहरादून/मसूरी। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBS) में प्रशिक्षण लेने पहुंचे एक युवक के फर्जी UPSC चयन का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक किसी धोखाधड़ी का हिस्सा नहीं, बल्कि स्वयं ठगी का शिकार है। एलबीएस प्रशासन की ओर से शनिवार को कोतवाली मसूरी को सूचना दी गई कि एक युवक यूपीएससी चयन के आधार पर प्रशिक्षण के लिए संस्थान पहुंचा है, लेकिन उसके दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं।
सूचना पर कोतवाली मसूरी से वरिष्ठ उप निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईयू मसूरी और आईबी टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने युवक से पूछताछ कर उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर एलबीएस में प्रशिक्षण के लिए पहुंचा था। पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ कि युवक इस पूरे प्रकरण में स्वयं ठगी का शिकार हुआ है। युवक अपने माता-पिता के साथ तथा प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक सामान लेकर मसूरी आया था, जिससे उसके इरादों पर कोई संदेह नहीं रहा।
आवश्यक पूछताछ के लिए युवक को कोतवाली मसूरी लाया गया। थाने में हुई पूछताछ में युवक के उच्च शिक्षित होने और वर्तमान में एक निजी कंपनी में कार्यरत होने की जानकारी सामने आई। युवक ने पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस को एक लिखित प्रार्थना पत्र भी सौंपा। जांच में पता चला कि पुष्पेंद्र सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह नामक व्यक्ति ने यूपीएससी परीक्षा में चयन का झांसा देकर युवक से 13,000 रुपये नकद, 14,564 रुपये यूपीआई के माध्यम से वसूले।
इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए युवक को फर्जी यूपीएससी रिजल्ट भेज दिया, जिसे सही मानकर युवक एलबीएस प्रशिक्षण के लिए पहुंच गया। कोतवाली मसूरी में इस संबंध में मु.अ.सं. (जीरो) 00/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अग्रिम विवेचना के लिए मामला संबंधित राज्य को प्रेषित किया जा रहा है, जहां से आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




