
देहरादून। देहरादून पुलिस द्वारा उजागर किए गए एक हैरान कर देने वाले मामले में त्यूणी क्षेत्र की रीना चौहान की कहानी कई नए मोड़ और रहस्यों के साथ सामने आई है। फेसबुक पर एक साधारण-सी दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता न केवल दो देशों की सीमाएं पार कर गया, बल्कि पहचान, धर्म, दस्तावेज़ों और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर गया। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां अब इस पूरे मामले को सिर्फ प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि संवेदनशील और संभावित एंटी-नेशनल एंगल से भी जांच रही हैं।
जानकारी के अनुसार, रीना की फेसबुक पर बांग्लादेशी युवक ममून हसन (28) से दोस्ती हुई थी। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई और इसके बाद ममून बार-बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आता रहा। दोनों देहरादून और त्यूणी क्षेत्र में कई महीनों तक साथ रहे। आखिरकार ममून बांग्लादेश लौट गया, लेकिन जाने से पहले रीना ने उसकी मदद करते हुए भारत में उसके लिए अपनी पूर्व पति सचिन के नाम पर पहचान से जुड़े दस्तावेज बनवा दिए। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया में रीना के कुछ रिश्तेदारों ने भी मदद की।
इसके बाद रीना बांग्लादेश गई, जहां उसकी पूरी पहचान बदल दी गई। बांग्लादेशी एजेंसियों से प्राप्त दस्तावेजों में उसका नाम ‘फरजाना अख्तर’ दर्ज मिला है। जन्म और निवास प्रमाण पत्र में वह बुर्खा पहने हुए दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में पहुंचने पर ममून ने उसके सभी नए दस्तावेज फरजाना नाम से बनवाए और दोनों ने निकाह कर लिया। यह भी खुलासा हुआ है कि भारत में वह हिंदू पहचान के अनुसार मंगलसूत्र पहनकर रहती थी, जबकि बांग्लादेश में बुर्खा पहनकर मुस्लिम पहचान के साथ रहने लगी थी।
20 नवंबर को पुलिस ने दो संदिग्ध युगलों को गिरफ्तार किया था, जिनमें पूछताछ के दौरान यह बड़ा खुलासा सामने आया। इनमें शामिल युवक के बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई और इसी दौरान रीना की बदली हुई पहचान का मामला भी प्रकाश में आया। पुलिस को शक है कि यह सिर्फ प्रेम विवाह का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे और भी कई राज छिपे हो सकते हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले के हर संभावित पहलू—पहचान छुपाने से लेकर दस्तावेजों की हेराफेरी, भारत-बांग्लादेश में बार-बार आवाजाही, धार्मिक परिवर्तन, और सुरक्षा जोखिम—सभी की गहन जांच की जा रही है। पुलिस एवं इंटेलिजेंस टीमें यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस पूरे घटनाक्रम का किसी संदिग्ध गतिविधि से संबंध है।
यह मामला उन तमाम जटिलताओं को सामने लाता है जिनमें सोशल मीडिया के जरिये बनी दोस्ती, दो देशों के बीच आवाजाही, धर्मांतरण और दस्तावेजों की फर्जीकरण जैसी बातें एक साथ जुड़ जाती हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई और परतें खुलने की संभावना है।




