
देहरादून। दिवालीखाल में प्रदर्शन के दौरान करण माहरा समेत कांग्रेस के नेता बैरियर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस पीछे धकेलती नजर आई। जंगलचट्टी में यूकेडी, कांग्रेस और स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने बैरियर तोड़ा और दिवालीखाल की ओर बढ़े। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी दिवालीखाल पहुंचे, जहां यूकेडी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।
गैरसैंण-दिवालीखाल मार्ग पर जंगलचट्टी में प्रदर्शन कर रहे यूकेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने दूसरी बार वाटर कैनन का प्रयोग किया। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे हुए हैं और बैरियर तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। यूकेडी नेता आशीष नेगी भी मौके पर पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी बैरियर पर चढ़कर विरोध जता रहे हैं। गैरसैंण से दिवालीखाल जाने वाले मार्ग पर बैरियर के पास यूकेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी बैरियर पर चढ़ गए।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
दिवालीखाल में प्रदर्शन कर रहे प्रधान संघ के सदस्यों को पुलिस बस में बैठाकर ले गई। वहीं, दुगथम्बा बैरियर पर यूकेडी के युवा भी पहुंचे। उन्होंने ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ और राजधानी गैरसैंण के समर्थन में नारे लगाए। गैरसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ऐसा बजट पेश कर रही है, जिसमें प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। इसमें कुछ नई योजनाओं को भी शामिल किया गया है। नवाचार पर ध्यान देने के साथ ही मौजूदा योजनाओं को और गति दी जाएगी। विपक्ष के प्रदर्शन पर सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, विपक्ष भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। सभी महत्वपूर्ण कार्य विधानसभा के भीतर ही होंगे।
सदन में मंत्री सतपाल महाराज ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि वह समय के बेहद पाबंद थे। रिखणीखाल के एक कार्यक्रम में बारिश के बावजूद वह समय पर पहुंचे थे, जबकि जनता छाता लेकर खड़ी थी। महाराज ने कहा कि खंडूड़ी का मानना था कि पहाड़ में सड़क सबसे अहम है। उत्तराखंड में उन्हें ‘रोड मैन’ के नाम से जाना जाता है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन कर्मयोगियों के विचारों का अनुसरण करना चाहिए। जनरल बीसी खंडूड़ी के जाने से कांग्रेस परिवार और श्रमिक भाइयों को बड़ी क्षति हुई है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व को शब्दों में व्यक्त कर पाना कठिन है। उनका राजनीतिक जीवन पांच दशक से अधिक का रहा। उन्होंने अपने कर्मों और विचारों से उत्तराखंड के जनमानस में अपनी अलग पहचान बनाई और पूरे प्रदेश की आवाज को एक दिशा दी। आर्य ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को आगे बढ़ाने में भी खंडूड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सुशासन, प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता की नई परिभाषा गढ़ी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि वह समय के पाबंद थे। उनका जाना प्रदेश और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने कहा कि वह जननेता थे और आम लोगों की परेशानियों को समझते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन आम आदमी के लिए समर्पित किया। श्रमिकों के प्रति उनका विशेष लगाव था। राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





