
देहरादून। नवरात्र पर्व की अष्टमी और नवमी तिथि पर राजधानी देहरादून में घरों से लेकर मंदिरों तक श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया। कन्याओं के चरण पखारकर उन्हें भोजन कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने उन्हें उपहार और दक्षिणा भेंट कर आशीर्वाद लिया।
नवरात्र के अंतिम दिनों में कन्या पूजन की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। इसी के तहत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने घरों में कन्याओं को आमंत्रित कर पूजा-अर्चना की। लोगों ने कन्याओं को भोजन कराने के बाद परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
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आराघर के पंचायती मंदिर में भी हुआ कन्या पूजन
देहरादून के आराघर स्थित पंचायती मंदिर में भी अष्टमी-नवमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद कन्या पूजन किया गया। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव से मां दुर्गा का स्मरण किया। इसके बाद कन्याओं को भोजन कराया गया और उनका पूजन कर आशीर्वाद लिया गया।
मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
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कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर किया पूजन
नवरात्र के दौरान कन्या पूजन को महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा माना जाता है। मान्यता के अनुसार, इस परंपरा में कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनकी पूजा की जाती है। अष्टमी और नवमी के दिन श्रद्धालु विशेष रूप से कन्या पूजन करते हैं।
कई परिवारों में कन्या पूजन के बाद नवरात्र व्रत का पारण भी किया जाता है। इस दौरान कन्याओं को भोजन कराने के साथ उपहार और दक्षिणा देने की परंपरा निभाई जाती है।
घरों और मंदिरों में रही भक्तों की आवाजाही
अष्टमी और नवमी पर देहरादून में घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कन्याओं का पूजन किया और उनसे आशीर्वाद लिया।
नवरात्र के इन विशेष अवसरों पर धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ लोगों ने परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।






