
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में कांधरपुर स्थित सेवाधाम वृद्धाश्रम में 85 वर्षीय बुजुर्ग रामनाथ का शव सोमवार सुबह शौचालय में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद वृद्धाश्रम में हड़कंप मच गया। सूचना पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। बुजुर्ग की मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
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रामनाथ कैंट थाना क्षेत्र के मंझा गांव के निवासी थे और दो जनवरी 2018 से सेवाधाम वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी कला देवी और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। वृद्धाश्रम प्रबंधन के मुताबिक, रामनाथ कभी-कभार अपने घर भी जाते थे। वह पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे।
सुबह बिस्तर पर नहीं मिले रामनाथ
वृद्धाश्रम की प्रबंधक कांता गंगवार के अनुसार, रामनाथ रात में खाना खाने के बाद सो गए थे। सोमवार सुबह करीब छह बजे जब वह बिस्तर पर नहीं मिले तो उनकी तलाश की गई। इसी दौरान दूसरे बुजुर्गों ने संचालक मरछू यादव को बताया कि एक शौचालय का दरवाजा काफी देर से अंदर से बंद है।
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इसके बाद संचालक ने दरवाजे को जोर से धक्का देकर खोला। अंदर रामनाथ का शव जंगले में उनकी धोती के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की।
नए कपड़े पहने थे, गले में थी फूलमाला
रामनाथ के शव को नीचे उतारा गया तो उन्होंने नए कपड़े पहने हुए थे। उनके गले में एक दिन पहले वृद्धाश्रम में आयोजित सत्संग के दौरान पहनाई गई फूलों की माला भी पड़ी थी। वृद्धाश्रम में रामनाथ के अलावा 134 अन्य बुजुर्ग भी रहते हैं। इनमें से कुछ के साथ उनकी अच्छी दोस्ती थी।
वृद्धाश्रम में रहने वाले एक बुजुर्ग के मुताबिक, रामनाथ सात अक्तूबर को अपनी बड़ी बेटी से मिलने गए थे। आठ अक्तूबर को वह बैंक से वृद्धावस्था पेंशन लेने भी गए थे। उस समय तक उनके चेहरे पर परेशानी के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखे थे।
बेटियों ने चचेरे भाई पर लगाया जमीन धोखे से अपने नाम कराने का आरोप
रामनाथ की बड़ी बेटी कांधरपुर में रहती हैं, जबकि छोटी बेटी की शादी बदायूं के दातागंज में हुई है। दोनों बेटियों ने पिता की मौत के लिए अपने चचेरे भाई को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि चचेरे भाई ने उनके पिता को बहला-फुसलाकर कुछ जमीन अपने नाम करा ली थी।
बेटियों के अनुसार, जमीन से जुड़ा यह मामला चार दिन पहले का है। जब उन्हें कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने अपने पिता को इसकी हकीकत बताई। इसके बाद से रामनाथ दुखी रहने लगे थे। बेटियों ने आरोप लगाया कि चचेरे भाई ने उनके पिता के साथ छल किया। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में पुलिस की जांच तथा आगे की कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भतीजा अक्सर मिलने आता था
सूत्रों के मुताबिक, रामनाथ ने कांधरपुर में एक भूखंड खरीदा था। उस पर मकान बनवाया गया, जिसमें उनकी बड़ी बेटी रह रही हैं। बताया गया है कि रामनाथ के कहने पर बड़ी बेटी ने छोटी बेटी को भूखंड के हिस्से के तौर पर करीब पांच लाख रुपये दिए थे। खेती से मिले सवा लाख रुपये भी रामनाथ ने छोटी बेटी को दिए थे।
वृद्धाश्रम प्रबंधन के अनुसार, रामनाथ का भतीजा अक्सर उनसे मिलने आता था और उनके लिए खाने-पीने की चीजें भी लाता था। जब रामनाथ का कहीं घूमने का मन होता था तो वह भतीजे को सूचना देते थे। भतीजा उन्हें घुमाने के बाद वापस वृद्धाश्रम छोड़ जाता था। रामनाथ अन्य बुजुर्गों से बातचीत के दौरान अक्सर अपने भतीजे की तारीफ भी करते थे।
पुलिस कर रही मौत के कारणों की जांच
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि रामनाथ ने आत्महत्या क्यों की, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस को कोई शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल बुजुर्ग की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है और बेटियों की ओर से लगाए गए जमीन संबंधी आरोपों की पुष्टि भी जांच के बाद ही हो सकेगी।








