
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
देहरादून ( उत्तराखण्ड) लोकतंत्र को वोट चोरी के माध्यम से कुचलने के कथित प्रयासों और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर आम आदमी पार्टी ने मसूरी कैंट विधानसभा क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर भाजपा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया और प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई।
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प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बेहद आवश्यक हैं। यदि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं, तो निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह हर आशंका का निष्पक्ष तरीके से समाधान करे और जनता के सामने सच्चाई रखे।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेही से बचाने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की विश्वसनीयता बनाए रखना केंद्र सरकार और आयोग, दोनों की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में किसी भी संस्था की जवाबदेही पर सवाल उठने पर उनका समाधान तथ्यों, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच के माध्यम से होना चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों की आवाज को नजरअंदाज करके।
*प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया* ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का मत है। देश के प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष है। यदि मताधिकार की पवित्रता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो सरकार और निर्वाचन आयोग को उनका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना किसी पर एहसान नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी है।
*प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना* ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की इच्छा और विश्वास का प्रतिबिंब हैं। इसलिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शन में शामिल *कोषाध्यक्ष शरद जैन* ने मांग की कि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए हर राजनीतिक दल और संवैधानिक संस्था को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर तत्काल इस्तीफा दें और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की कड़ी कार्यवाही हो और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर तत्काल रोक लगे तथा मतदाता सूचियों को वापस जनवरी 2025 की स्थिति में बहाल करना हो आप नेताओं ने कहा कि 2023 के नियुक्ति कानून को रद्द करना: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को पूरी तरह से रद्द करना चाहिए ताकि नागरिक समाज की भागीदारी के साथ एक नई और पारदर्शी चयन प्रक्रिया स्थापित की जा सके।
आप ने कहा लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार की सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा
*महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री* ने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सुधा पटवाल अशोक सेवाल,प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन प्रदेश संयुक्त सचिव जितेन पंथ,शैलेश तिवारी, कमल राणा , सी पी सिंह,श्याम लाल नाथ, आप नेत्री सीमा कश्यप, प्रकाश शर्मा, ASAP अध्यक्ष अक्षय शर्मा जिला अध्यक्ष गणेश कुड़ियाल , प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा,यामिनी आले, संतोष महिपाल सिंह,सुरेश कुमार, प्रकाश शर्मा जी, सरफराज, सन्तोष, गौरव उनियाल, दीपक कुंतल, केशव रेखा सिंह, अफसाना सुल्तान, रंजीत सिंह, राजेश कुमार के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।






