
बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के बाद भू-धंसाव और भूस्खलन ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बाधित हो गया है। सड़क पर मलबा और बड़े पत्थर आने से स्थानीय लोगों के साथ ही यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन भी जगह-जगह फंस गए। मार्ग बाधित होने के कारण आवाजाही में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भू-धंसाव का असर केवल सड़क यातायात तक सीमित नहीं रहा। भू-धंसाव के चलते 11 केवी की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे यमुनोत्री धाम सहित गीठ पट्टी के 12 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली आपूर्ति बाधित होने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ धाम क्षेत्र में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई जगह मलबा और पत्थर आने से हाईवे बाधित
देर रात हुई बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भू-धंसाव और भूस्खलन की स्थिति बनी। यमुनोत्री हाईवे पर भी कई स्थानों पर मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए। इसके कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। मार्ग पर अचानक मलबा आने से कई वाहन आगे नहीं बढ़ सके।
क्षेत्र में लगातार बारिश और पहाड़ी ढलानों पर भू-धंसाव की स्थिति को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी और बढ़ गई है। यमुनोत्री धाम की ओर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त, 12 गांवों में बिजली गुल
भू-धंसाव की चपेट में आने से 11 केवी की विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण यमुनोत्री धाम के अलावा गीठ पट्टी के 12 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली विभाग की टीम लाइन को दुरुस्त करने और आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटी है।
बारिश के कारण विद्युत लाइन और सड़क दोनों प्रभावित होने से क्षेत्र में दोहरी समस्या खड़ी हो गई है। जहां एक ओर लोगों को आवाजाही के लिए हाईवे खुलने का इंतजार है, वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति बहाल होने की भी प्रतीक्षा की जा रही है।
हाईवे खोलने में जुटी एनएच की टीम
हाईवे को यातायात के लिए खोलने के लिए एनएच की टीम सुबह से ही मशीनों के साथ मौके पर जुटी हुई है। एनएच के ईई मनोज रावत और निर्माण कार्य एजेंसी के पीएम गोपाली श्रीनिवासुलू रेड्डी के मुताबिक हाईवे पर अधिक मात्रा में मलबा आने और भू-धंसाव के कारण मार्ग बाधित हुआ है।
टीम की ओर से सड़क से मलबा और पत्थर हटाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हाईवे को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश होने की स्थिति में मार्ग खोलने के बाद भी दोबारा मलबा आने और भू-धंसाव का खतरा बना रह सकता है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
यमुनोत्री धाम में यात्रा के दौरान सड़क संपर्क प्रभावित होने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे पर जगह-जगह मलबा और पत्थर आने के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वर्तमान परिस्थितियों में सड़क और विद्युत व्यवस्था को जल्द बहाल करना प्रशासन के सामने प्राथमिक चुनौती है। हाईवे से मलबा हटने और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन की मरम्मत के बाद ही क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है।




