
देहरादून। शांत और सुरक्षित शहर के रूप में पहचाने जाने वाले देहरादून में सड़क पर होने वाले विवादों के बाद फायरिंग की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। राजधानी में पिछले कुछ महीनों के दौरान रोड रेज, आपसी रंजिश और युवकों के बीच विवाद के बाद खुलेआम हथियारों के इस्तेमाल के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब पटेलनगर क्षेत्र में विवाद के बाद कार का शीशा डंडे से तोड़ने और इसके बाद फायरिंग किए जाने की घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद आरोपी युवक कार से फरार हो गए और उनका पीछा करते हुए शिमला बाईपास चौक तक भी फायरिंग की गई।
देहरादून में लगातार सामने आ रही फायरिंग की घटनाओं के बीच यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि विवाद सार्वजनिक सड़क पर हुआ और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। जानकारी के अनुसार, पटेलनगर क्षेत्र में एक गुट के युवकों से विवाद के बाद गुरमीत, अमन और रोहित नाम के युवक कार से वहां पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद के बाद कार सवार युवक वहां से निकलने लगे।
इसी दौरान पीछे से कई युवक डंडे लेकर पहुंचे। आरोप है कि उनमें से एक युवक ने कार के पिछले शीशे पर डंडा मार दिया, जिससे कार का शीशा टूट गया। इसके बाद कार सवार युवकों की ओर से फायरिंग की गई। घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। पूरी घटना का कुछ हिस्सा सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कार का पीछा करते हुए शिमला बाईपास तक पहुंचे युवक
पटेलनगर में विवाद और फायरिंग के बाद कार सवार युवक वहां से तेजी से निकल गए। बताया गया कि इसके बाद सफेद रंग की बाइक और एक अन्य दोपहिया वाहन पर सवार युवकों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। पीछा करते हुए दोनों पक्ष शिमला बाईपास रोड की ओर पहुंच गए। यहां कार सवार युवकों की ओर से दोबारा फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है।
लगातार दो स्थानों पर फायरिंग की सूचना से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया और संभावित रास्तों पर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ाते हुए वाहनों की जांच की।
पिछले कुछ महीनों में कई बार सामने आई फायरिंग की घटनाएं
देहरादून में फायरिंग की यह घटना पहली नहीं है। इससे पहले 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में मसूरी रोड पर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी। फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो सवार युवकों के बीच विवाद के बाद एक पक्ष ने दूसरी गाड़ी का पीछा करते हुए फायरिंग की थी। इसी दौरान एक गोली रास्ते से गुजर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर को लग गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
इसके बाद तीन जुलाई की रात रायपुर क्षेत्र में छह नंबर पुलिया के पास रिंग रोड स्थित शराब के ठेके के बाहर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग में दो युवक घायल हुए थे। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अरुण कुमार, सन्नी कुमार और आदर्श सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में दोनों पक्षों के बीच पुराना आपसी विवाद सामने आया था।
आपसी विवाद में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ी चिंता
देहरादून में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पहले मामूली कहासुनी और आपसी विवाद तक सीमित रहने वाले मामले अब हथियारों के इस्तेमाल तक पहुंच रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और बाजारों के आसपास फायरिंग होने से आम लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
पटेलनगर और शिमला बाईपास की ताजा घटना में भी विवाद के बाद स्थिति तेजी से हिंसक हुई। पहले कार का शीशा डंडे से तोड़ा गया और उसके बाद फायरिंग की गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
पुलिस ने शहर में बढ़ाई निगरानी
फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी थानों को अलर्ट कर दिया। शहर की सीमाओं पर भी सघन जांच शुरू की गई। पुलिस की तत्परता से घटना में शामिल एक आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि घटना में प्रयुक्त कार को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शहर में निगरानी और जांच बढ़ाई है। पुलिस का कहना है कि फायरिंग की घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और शहर में दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर आपसी विवादों को समय रहते हिंसक होने से रोकना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर युवाओं के बीच हथियारों की बढ़ती पहुंच और सार्वजनिक स्थानों पर उनके इस्तेमाल पर प्रभावी अंकुश लगाना भी आवश्यक हो गया है।




