
देहरादून:- विश्व वरिष्ठ कल्याण वरिष्ठ नागरिक दिवस पर संयुक्त नागरिक संगठन ने आशा व्यक्त की है कि 14 सालों से समाज कल्याण विभाग की फाइलों में कुंभकर्णी नींद में सो रही जिला समितियां अब पुनर्गठित और सक्रिय होंगी।बुजुर्गों के जीवन में आने वाली मानसिक,शारीरिक तथा परिजनो के कारण होने वाले उत्पीड़नात्मक प्रयासों को रोकने के लिए जो भी नियम बनाए गए हैं उनका लाभ बुजुर्गों को आखिरी समय में मिल सकेगा।संगठन ने कहा है की उत्तराखंड के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन के संरक्षण हेतु बनाई गई माता-पिता तथा वरिष्ठ कल्याण नियमावली 2011 के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य के समस्त जनपदों में जिला स्तरीय समितियां का गठन बहुत पहले किया जाना था लेकिन यह समितियां सामने नहीं आ पाई।अतः अब संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा समाज कल्याण मंत्री खजानदास तथा विभागीय सचिव श्रीधर बाबू अदांकी से किए गए अनुरोध पर जारी आदेशों के क्रम में निदेशक समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य के समय जिला मजिस्ट्रेट,जिला विकास अधिकारियों,समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वो जिला स्तर पर इन समितियां का पुनर्गठन कर इन्हें सक्रिय बनाने की कार्यवाही करें।संगठन ने आशा व्यक्त की है कि संबंधित प्रावधानों का धरातल पर क्रियान्वयन होने से बुजुर्गों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।




