
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही तेज गर्जना, बिजली चमकने और तीव्र वर्षा की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
संभावित खराब मौसम और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बागेश्वर और देहरादून में कक्षा एक से बारहवीं तक संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून और बागेश्वर के अलावा टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक जलभराव, भूस्खलन और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि प्रदेश में 10 अगस्त तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। बीच-बीच में तेज बारिश के दौर, बादल गरजने और बिजली चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम का ताजा अपडेट लेने के बाद ही सफर करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।




