
गोपेश्वर/पीपलकोटी। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संवेदनशील भनेरपाणी भूस्खलन क्षेत्र में गुरुवार को करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहने से चारधाम यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मौसम सामान्य रहने के कारण एनएचआईडीसीएल ने पहाड़ी पर अटके खतरनाक बोल्डरों को हटाने का कार्य शुरू किया। दोपहर करीब एक बजे आरंभ हुआ यह अभियान शाम चार बजे तक चला। सुरक्षा कारणों से बीच-बीच में यातायात रोका जाता रहा, जिससे बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ओर जाने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जाम के दौरान सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हुई। लंबे समय तक वाहनों में फंसे रहने के कारण यात्रियों को पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव झेलना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार भनेरपाणी क्षेत्र में आसपास कोई दुकान या स्थायी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण कई यात्रियों को पानी तक नहीं मिल सका।
चारधाम यात्रा के चरम सीजन में लगातार लग रहे जाम को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी ने एनएचआईडीसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूस्खलन क्षेत्र में मलबा और बोल्डर हटाने का कार्य दिन के बजाय रात में किया जाना चाहिए, ताकि तीर्थयात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि दिन के समय कार्य होने से रोजाना लंबा जाम लग रहा है और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने भी हाईवे पर बेहतर यातायात प्रबंधन, वैकल्पिक व्यवस्था और यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
भनेरपाणी क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के मौसम में यहां लगातार मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं, जिसके कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बार-बार प्रभावित होता है। प्रशासन और एनएचआईडीसीएल की टीमें क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं तथा मार्ग को सुरक्षित बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।




