
रुद्रपुर। पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर में पांच नाबालिग बच्चियों से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद बुधवार देर रात तक पंतनगर कोतवाली में हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना से आक्रोशित परिजन, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं कोतवाली पहुंचीं तथा आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विश्वविद्यालय में ठेका कर्मी के रूप में कार्यरत आरोपी दीपक शर्मा के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम कुछ नाबालिग बच्चियां पंतनगर विश्वविद्यालय परिसर में घूम रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान वेटरिनरी कॉलेज में कार्यरत ठेका कर्मी दीपक शर्मा ने उनके साथ छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। बच्चियों ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजन और स्थानीय लोग तत्काल विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था।
घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग पंतनगर कोतवाली पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में मौजूद रहकर बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन भी सक्रिय हो गया। अपर निदेशक प्रशासन डॉ. ए.के. शर्मा, पंतनगर थाना प्रभारी डॉ. पी.वी. सिंह सहित कई प्राध्यापक कोतवाली पहुंचे। बाद में कुलपति डॉ. एस.के. कश्यप भी कोतवाली पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पुलिस ने पांच पीड़ित बच्चियों की ओर से प्राप्त तीन अलग-अलग तहरीरों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत तीन मुकदमे दर्ज किए। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना के बाद परिजनों ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक परिसर में इस प्रकार की घटना अत्यंत गंभीर है। उनका कहना है कि परिसर में आने-जाने वाली छात्राओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




