
चमोली जिले के देवाल विकासखंड में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। कैल नदी में दोस्तों के साथ नहाने गए 17 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक छात्र की पहचान आयुष पुत्र गजेंद्र सिंह, निवासी हाटकल्याणी गांव के रूप में हुई है। वह राजकीय इंटर कॉलेज देवाल में कक्षा 12 का छात्र था।
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे आयुष अपने दो दोस्तों के साथ कैल नदी में नहाने के लिए गया था। गर्मी और छुट्टी के माहौल में तीनों दोस्त नदी में बने एक गहरे तालाब में उतर गए। बताया जा रहा है कि तालाब की गहराई लगभग 12 फीट थी। शुरुआत में तीनों सामान्य रूप से नहा रहे थे, लेकिन अचानक आयुष संतुलन खो बैठा और गहरे पानी की ओर चला गया।
आयुष को डूबता देख उसके दोनों दोस्त घबरा गए और तुरंत मदद के लिए शोर मचाया। उन्होंने गांव पहुंचकर लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कैल गांव के नीरज मिश्रा समेत एक दर्जन से अधिक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और छात्र की तलाश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद नीरज मिश्रा ने गहरे पानी में उतरकर आयुष को बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए आयुष को एंबुलेंस के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रॉबिन ने बताया कि छात्र अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुका था।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। चौकी प्रभारी संदीप देवरानी ने बताया कि शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
आयुष की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और विद्यालय में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आयुष पढ़ाई में होनहार और मिलनसार स्वभाव का छात्र था। उसकी अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।
यह घटना एक बार फिर नदी, तालाब और जलाशयों में नहाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और गर्मी के मौसम में नदियों के गहरे हिस्सों में बिना सुरक्षा के उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेष रूप से किशोरों और युवाओं को ऐसे स्थानों पर सतर्क रहने की आवश्यकता है, जहां पानी की गहराई का सही अनुमान लगाना कठिन हो।




