
केदारनाथ: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोषों से गूंज उठा, जिसके साथ ही इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। इस ऐतिहासिक और पावन क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले ही धाम पहुंच चुके थे।
कपाटोद्घाटन के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी के साथ धाम पहुंचे और बाबा केदार के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। प्रधानमंत्री ने भी इस अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए पांच संकल्प अपनाने की अपील की, जिनमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सेवा भावना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और यात्रा नियमों का पालन शामिल है।
धाम को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कपाट खुलने के मौके पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे वातावरण और भी भक्तिमय हो गया। इससे एक दिन पूर्व बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से प्रस्थान कर जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप होते हुए केदारपुरी पहुंची थी, जहां श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया।
डोली के मंदिर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई और मंदिर की परिक्रमा कर भंडार गृह में विराजमान किया गया। इस दौरान सेना की 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस व आईटीबीपी के जवान तैनात रहे।
कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई बाबा केदार के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आया। इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।




