
देहरादून। किन्नर समाज द्वारा,पारिवारिक मांगलिककार्यों,त्योहारों,आवास,निर्माण आदि पर,अनाधिकृत रूप से नागरिको को बददुआओं का डर दिखाकर बधाई के रूप में जबरन वसूली जाने वाली मनमानी राशी को,निर्धारित करने हेतु एसओपी जारी किए जाने की मांग।एसओपी में दान की राशी 1001/-आवास निर्माण पर 1501/-पुत्र जन्म पर 2100/- तयौहारों आदि पर 101/- अधिकतम राशि नियत किए जाने की मांग की गई है।
संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा 6 माह पहले,विगत 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव,पुलिस महानिदेशक,जिलाधिकारी को भेजे गए मांग पत्र पर कोई कदम नहीं उठाने पर अफसोस जताते हुए भेजा गया पुनर्स्मारक पत्र।इसमें किन्नर समाज द्वारा विवाह,पुत्रजन्म, आवास निर्माण,तीजत्यौहार आदि के मौके पर जबरन गृह प्रवेश को अनाधिकृत मानते हुए इनके विरुद्ध एफआईआर दाखिल करने,शासन/जिला प्रशासन द्वारा जारी एसओपी की गाइडलाइन के मुताबिक दानदाता द्वारा स्वेच्छा से दी गई बधाई की राशी बिना अपशब्द /बददुआ की धमकी देने पर रोक लगाने की मांग की गई है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
संगठन सचिव सुशील त्यागी का कहना है की जोर से, बोलकर, तालियां, ढोलक बजाते हुए, शोर शराबा कर वरिष्ठ नागरिकों/आमजन को आतंकित करते हुए तमाशा दिखाने का मकसद सिर्फ दानदाता को मानसिक, शारीरिक,मनोवैज्ञानिक रूप से आतंकित किया जाना है जो अपराध की श्रेणी में आता है! इस प्रवृत्ति पर कानूनी रोक जरूरी है। किन्नरो को शांती भंग करने का अधिकार सरकार ने नहीं दिया है।
इसलिए शासन/पुलिस/जिला प्रशासन द्वारा किन्नरों को दान स्वरूप दी जाने वाली राशी की अधिकतम सीमाऐ एसओपी जारी करते हुए निर्धारित किए जाने की संयुक्त नागरिक संगठन मांग करता है। प्रस्तावित दान की राशी:-1001/-रुपया/आवास निर्माण हेतु राशि:-1501/-पुत्र जन्म पर 2100/- रुपया। तयौहारों/पर्व आदि पर दानदाता द्वारा दी जाने वाली प्रस्तावित राशी 101/-रूपया एसओपी में निर्धारित की जाय।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
प्रेषक: सुशील त्यागी, सचिव संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून





