
देहरादून। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के घर डकैती के मुख्य आरोपी परवेज उर्फ बाबा को एसटीएफ ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। परवेज पर दो लाख रुपये का इनाम था। वह दिल्ली में अपने परिवार के साथ वेश बदलकर रह रहा था। इस दौरान कई दिनों तक पुलिस ने उसके परिवार की निगरानी की। पता चला कि वह मेरठ में अपने बीमार पिता को देखने गया है। वहीं से एसटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा। परवेज पर कई राज्यों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि 15 अक्तूबर 2022 को डोईवाला निवासी शीषपाल अग्रवाल के घर सशस्त्र बदमाशों ने दिनदहाड़े डकैती डाली थी। बदमाश वहां परिवार के लोगों को बंदी बनाकर तमाम जेवरात और नकदी लूट ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों की खोजबीन शुरू की तो शुरुआत में आठ आरोपियों महबूब, मुनव्वर, शमीम, तहसीम कुरैशी, रियाज, नावेद, मेहरबान, वसीम उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया था।
जबकि, नौवें बदमाश नफीस उर्फ सपाटा ने गिरफ्तारी से बचने को न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। इस गैंग का सरगना परवेज उर्फ बाबा बताया गया था। लेकिन, पुलिस से बचने को वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पता चला कि उसके खिलाफ अन्य राज्यों में भी डकैती और लूट के दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह हर बार पुलिस से बचने के लिए पुराने मामलों में जमानत तुड़वाकर जेल चला जाता है।
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लेकिन, इस मामले के बाद वह जेल नहीं गया। इस पर उसकी तलाश में लगातार एसटीएफ की टीम लगी हुई थी। पिछले दिनों शासन ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद इंस्पेक्टर प्रदीप राणा की अगुवाई में टीम बनाई गई। इस बीच पता चला कि वह दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज के नीचे अपने परिवार के साथ रह रहा है।
टीम ने सिग्नेचर ब्रिज के नीचे दबिश दी तो उसका परिवार तो मिल गया, लेकिन परवेज नहीं मिला। कई दिनों तक टीम वहां पर रहकर परिवार की निगरानी करती रही। पता चला कि परवेज के पिता मेरठ में रहते हैं जो इस वक्त बीमार हैं। इसके बाद एसटीएफ टीम ने उसे मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।





